स्वतंत्रता आंदोलन में हमारे साहित्यकारों का योगदान
Overview & Synopsis
देश की --तंता के िलए 1857 से लेकर 1947 तक ांितकारयों व आंदोलनकारयों के साथ ही लेखकों, किवयों और प कारों ने भी मह%पूण( भूिमका िनभाई। उनकी गौरव गाथा हम. /ेरणा देती है िक हम तं ता के मू1 को बनाए रखने के िलए कृत संक45त रह.। /ेमचंद की रंगभूिम, कम(भूिम (उप8ास), भारत.दु हर;ं< का भारत- दश(न (नाटक), जयशंकर /साद का चं<गु@, Aंदगु@ (नाटक) आज भी उठाकर पि़ढए, देश/ेम की भावना जगाने के िलए बड़े कारगर िसF होंगे। वीर सावरकर की ‘1857 का /थम ाधीनता संIामʼ हो या पंिडत नेहL की ‘भारत एक खोजʼ या िफर लोकमा8 बाल गंगाधर ितलक की ‘गीता रहNʼ या शरद बाबू का उप8ास ‘पथ के दावेदारʼ -िजसने भी इP. पढ़ा, उसे घर-परवार की िचंता छोड़ देश की खाितर अपना सव( अप(ण करने के िलए
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Document Information
| Document Title | स्वतंत्रता आंदोलन में हमारे साहित्यकारों का योगदान |
|---|---|
| Author / Organization | राजेश चन्द्र पालीवाल |
| Subject & Discipline | Scientific Research & Data |
| Categories | Science & Mathematics |
| Publication Year | 2022 |
| License / Rights | cc-by-4.0 |
| Resource Verification | Listed PDF (Verification Pending) |
| Original Host Website |
Zenodo
(zenodo.org)
|
| File Format | application/pdf (Portable Document Format) |
| Reported File Size | 254.6 KB (260,750 bytes) |
| Language | EN |
| Catalog ID | DOC-115191 |
| Original Source Link | Visit Source Page on zenodo.org » |